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WhatsApp opt-in क्या है और इसे सही तरीके से कैसे लें?
आपके बिज़नेस से WhatsApp मैसेज पाने के लिए ग्राहक की अनुमति: इसमें क्या लिखा होना चाहिए, इसे कहाँ लें और इसका रिकॉर्ड कैसे रखें।
लेखक Broadchat teamप्रकाशित 4 मिनट
Definition
ऑप्ट-इन (Opt-in): Opt-in किसी व्यक्ति की वह अनुमति है जिससे कोई नामित बिज़नेस उसे WhatsApp पर मैसेज भेज सकता है। WhatsApp Business Messaging Policy के अनुसार टेम्पलेट से बातचीत शुरू करने से पहले बिज़नेस के पास उस व्यक्ति का नंबर और उसका opt-in होना चाहिए। सहमति में साफ़ लिखा हो कि व्यक्ति उसी बिज़नेस से मैसेज पाने के लिए हाँ कह रहा है, और बाद में मना करने पर बिज़नेस को रुकना होगा।
Also called: सहमति, Consent, WhatsApp opt-in
Opt-in कैसे काम करता है
सीधी बात: किसी ग्राहक को मैसेज टेम्पलेट भेजने से पहले उसने आपके बिज़नेस से WhatsApp पर मैसेज पाने की हामी भरी हो। Meta की पॉलिसी दो चीज़ें माँगती है: ग्राहक का नंबर, और ऐसी सहमति जिसमें आपके बिज़नेस का नाम साफ़ लिखा हो। "मैं शर्तें मानता हूँ" जैसा गोल-मोल चेकबॉक्स, जिसमें न WhatsApp का ज़िक्र हो न आपके ब्रांड का, कमज़ोर सबूत है।
Opt-in कई जगह से लिया जा सकता है: चेकआउट पेज का चेकबॉक्स, लीड फ़ॉर्म की एक लाइन, दुकान के काउंटर पर QR कोड, मिस्ड-कॉल नंबर, या ग्राहक का ख़ुद पहला मैसेज भेजना। ग्राहक पहले लिखे तो 24 घंटे की कस्टमर सर्विस विंडो खुल जाती है और आप जवाब दे सकते हैं। लेकिन बाद में टेम्पलेट भेजने हैं तो अलग से साफ़ opt-in लेना बेहतर है।
उदाहरण
मीरा ऑनलाइन कुशन और बेडशीट बेचने वाला ब्रांड रंगोली होम चलाती हैं। चेकआउट पर उन्होंने एक ख़ाली चेकबॉक्स जोड़ा:
प्रिया ₹2,349 का बेडशीट सेट ख़रीदते समय यह बॉक्स टिक करती हैं। दुकान उनके कॉन्टैक्ट के साथ तीन बातें सेव करती है: नंबर, तारीख़ व समय, और स्रोत ("checkout, rangolihome.in")। इसके बाद ऑर्डर अपडेट और दिवाली ऑफ़र प्रिया को जाते हैं। जिसने बॉक्स टिक नहीं किया, उसे सिर्फ़ तभी अपडेट मिलते हैं जब वह चैट में ख़ुद माँगे।
यह क्यों ज़रूरी है
- पॉलिसी: बिना opt-in वाले लोगों को मैसेज भेजना WhatsApp के नियमों के ख़िलाफ़ है और अकाउंट पर पाबंदी लग सकती है।
- क्वालिटी: जिसे आपके मैसेज की उम्मीद नहीं थी, वह ब्लॉक या रिपोर्ट करता है। इससे आपकी quality rating गिरती है और messaging limit बढ़ने में रुकावट आती है।
- भरोसा: साफ़ सहमति से ग्राहक को पता रहता है कि क्या आने वाला है, इसलिए आपके मार्केटिंग मैसेज अनचाहे नहीं लगते।
हर opt-in के साथ opt-out का आसान रास्ता भी होना चाहिए, और ऑटोमैटिक चैट में इंसान से बात करने का विकल्प देना ज़रूरी है।
Broadchat में opt-in
Broadchat पैनल में CRM → Contact के हर कॉन्टैक्ट का subscribed या unsubscribed स्टेटस होता है, और टैग व कस्टम फ़ील्ड से आप लिख सकते हैं कि कॉन्टैक्ट कहाँ से आया। CRM → Bulk Campaign से सभी कॉन्टैक्ट को भेजे गए कैंपेन में सिर्फ़ subscribed कॉन्टैक्ट शामिल होते हैं। सहमति लेने के तरीकों पर अंग्रेज़ी में opt-in best practices लेख और प्लेटफ़ॉर्म की शुरुआत के लिए WhatsApp Business API क्या है पढ़ें।
Related terms
स्रोत
- WhatsApp Business Messaging Policy — WhatsApp, checked 12 October 2026
- Getting opt-in for WhatsApp — Meta for Developers, checked 12 October 2026
Broadchat team · Product and partner success team
The people who build and support Broadchat, the white-label WhatsApp Business API platform. We write from what we see while onboarding partners and their clients on the official WhatsApp Cloud API, and we check every article against Meta's current documentation.
आख़िरी अपडेट:
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अगर ग्राहक पहले मैसेज करे तो क्या वह opt-in माना जाएगा?
उससे आप 24 घंटे की विंडो में जवाब दे सकते हैं। बाद में भेजे जाने वाले टेम्पलेट, ख़ासकर मार्केटिंग के लिए, ऐसी साफ़ सहमति रखें जिसमें आपके बिज़नेस का नाम और मैसेज का प्रकार लिखा हो।
opt-in का सबूत कैसे रखें?
नंबर, तारीख़ व समय, स्रोत (फ़ॉर्म, चेकआउट, QR कोड या चैट) और वह सटीक लाइन सेव करें जिस पर ग्राहक ने हाँ कहा। कभी शिकायत या पॉलिसी रिव्यू हो तो यही रिकॉर्ड दिखाता है कि कॉन्टैक्ट आपकी लिस्ट में कैसे आया।