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White-label WhatsApp क्या है और एजेंसियाँ इसे कैसे बेचती हैं?
White-label WhatsApp प्लेटफ़ॉर्म से एजेंसी अपने नाम, डोमेन और दाम पर कैसे बेचती है, Meta के साथ क्या वैसा ही रहता है, और Broadchat में पार्टनर को कौन से कंट्रोल मिलते हैं।
लेखक Broadchat teamप्रकाशित 4 मिनट
Definition
व्हाइट-लेबल (White-label): White-label का मतलब है ऐसा सॉफ़्टवेयर जिसे एक कंपनी बनाती है और दूसरी कंपनी अपने नाम से बेचती है। White-label WhatsApp प्लेटफ़ॉर्म से कोई एजेंसी या रीसेलर WhatsApp Business API के टूल, जैसे कैंपेन, चैटबॉट और टीम इनबॉक्स, अपने लोगो, डोमेन और दाम पर बेचती है, जबकि टेक्नोलॉजी प्लेटफ़ॉर्म कंपनी चलाती है। क्लाइंट फिर भी Meta का आधिकारिक API इस्तेमाल करते हैं और Meta के नियम व कीमतें लागू रहती हैं।
Also called: Reseller platform, Private-label software, रीसेलर पैनल
White-label WhatsApp असल में कैसे चलता है
इसमें तीन पक्ष होते हैं। Meta WhatsApp और Cloud API चलाता है और मैसेज का बिल बनाता है। प्लेटफ़ॉर्म कंपनी सॉफ़्टवेयर बनाती है: कैंपेन, चैटबॉट, इनबॉक्स, बिलिंग। पार्टनर (एजेंसी, रीसेलर या SaaS कंपनी) वही सॉफ़्टवेयर अपने ब्रांड से बिज़नेस को बेचता है। क्लाइंट पार्टनर के डोमेन पर लॉगिन करता है, पार्टनर का लोगो देखता है और पार्टनर के दाम चुकाता है।
क्या बदलता है और क्या नहीं
| White-label से बदलता है | वैसा ही रहता है |
|---|---|
| ब्रांड नाम, लोगो, रंग, लॉगिन का पता | Meta की मैसेजिंग पॉलिसी और टेम्पलेट रिव्यू |
| क्लाइंट जो प्लान और दाम चुकाते हैं | कैटेगरी और देश के हिसाब से Meta की प्रति-मैसेज कीमत |
| क्लाइंट सपोर्ट के लिए किससे बात करते हैं | मैसेजिंग लिमिट, क्वालिटी रेटिंग, opt-in के नियम |
| बिक्री और मार्जिन | Meta के साथ पार्टनर का दर्जा |
आख़िरी लाइन सबसे ज़रूरी है। White-label प्लेटफ़ॉर्म बेचने से कोई एजेंसी BSP या Meta पार्टनर नहीं बन जाती। अपनी सर्विस ईमानदारी से बताइए, जैसे "Meta के आधिकारिक Cloud API पर बना WhatsApp Business API प्लेटफ़ॉर्म", और कभी मंज़ूरी, ब्लू टिक या डिलीवरी का वादा न करें।
उदाहरण: इंदौर की डिजिटल एजेंसी
प्रिया की इंदौर वाली एजेंसी पहले से 40 लोकल बिज़नेस के ऐड संभालती है। वह अपने डोमेन पर "ChatKaro" नाम से पैनल लॉन्च करती है। सराफ़ा बाज़ार की एक मिठाई की दुकान को ChatKaro का लॉगिन मिलता है, वह अपना नंबर जोड़ती है और त्योहार के कैंपेन चलाती है; प्रिया की टीम उसका ऑर्डर बॉट बनाती है। प्रिया सॉफ़्टवेयर का मासिक प्लान तय करती है और Meta के बेस चार्ज से ऊपर अपना मैसेजिंग रेट रखती है, यानी कमाई सब्सक्रिप्शन और इस्तेमाल दोनों से। जब क्लाइंट पूछता है "मेरा टेम्पलेट रिजेक्ट क्यों हुआ?", तो जवाब प्रिया की टीम देती है, क्योंकि क्लाइंट के लिए प्रोडक्ट ChatKaro ही है।
Broadchat के साथ white-label
Broadchat Meta के आधिकारिक Cloud API पर बना white-label WhatsApp Business API प्लेटफ़ॉर्म है, जो सिर्फ़ पार्टनर के ज़रिए बिकता है। यह Meta से जुड़ा या उसके द्वारा समर्थित नहीं है। पार्टनर को मिलता है:
- लोगो (लाइट और डार्क), favicon, रंग, लेआउट, custom CSS और अपना मेन्यू; क्लाइंट पैनल पर Broadchat का नाम नहीं दिखता।
- तैयार सबडोमेन, या CNAME/A रिकॉर्ड से अपना डोमेन, SSL अपने-आप।
- प्लान, ऐड-ऑन, कूपन और फ़्री ट्रायल कंट्रोल; क्लाइंट वॉलेट और Meta के बेस रेट पर अपना मार्कअप।
- अपना SMTP और SMS सेंडर, सब-एजेंसी के लिए रीसेलर चेन, और Enterprise टियर पर Partner API।
पार्टनर की कीमत हर क्लाइंट अकाउंट के हिसाब से है और माँगने पर बताई जाती है; देखें pricing और पार्टनर प्रोग्राम। पैकेजिंग और बिक्री के लिए WhatsApp रीसेलर बिज़नेस शुरू करने की गाइड पढ़ें।
Related terms
स्रोत
- WhatsApp Business Solution Providers overview — Meta for Developers, checked 12 October 2026
- WhatsApp Business Messaging Policy — WhatsApp, checked 12 October 2026
Broadchat team · Product and partner success team
The people who build and support Broadchat, the white-label WhatsApp Business API platform. We write from what we see while onboarding partners and their clients on the official WhatsApp Cloud API, and we check every article against Meta's current documentation.
आख़िरी अपडेट:
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या white-label WhatsApp कानूनी है और Meta इसकी इजाज़त देता है?
हाँ, अगर प्लेटफ़ॉर्म Meta का आधिकारिक WhatsApp Business Platform इस्तेमाल करता है और हर क्लाइंट Meta की पॉलिसी मानता है। मना यह है कि आप ख़ुद को Meta या Meta पार्टनर बताएँ, जबकि आप हैं नहीं।
क्या मेरे क्लाइंट Meta को सीधे पैसे देते हैं?
यह सेटअप पर निर्भर है। Broadchat में क्लाइंट पार्टनर के तय रेट पर अपने वॉलेट में पहले से पैसा डालते हैं, और Meta का चार्ज उसी से कटता है। पार्टनर अपने रेट और Meta के बेस रेट के बीच का फ़र्क़ कमाता है।
क्या क्लाइंट को पता चलेगा कि मैं कौन सा प्लेटफ़ॉर्म इस्तेमाल करता हूँ?
पार्टनर के डोमेन वाले क्लाइंट पैनल पर पार्टनर का ब्रांड होता है, Broadchat का नाम नहीं। हाँ, Embedded Signup जैसी Meta की अपनी स्क्रीन पर Meta और जोड़ी जा रही ऐप का नाम दिखता है।